PULSE OF THE NATION

PULSE OF THE NATION
हर ख़बर सच के साथ

अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को मजबूती देने के लिए अनेक परियोजनाओं पर चल रहा है कामः अश्विनी वैष्णव

 अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को मजबूती देने के लिए अनेक परियोजनाओं पर चल रहा है कामः अश्विनी वैष्णव’




’अनूपगढ़-बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर क्षेत्रों में नई रेल लाइनों के निर्माण हेतु कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर’
नई दिल्ली, 18 मार्च। माननीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों (2026-27) पर संसद में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि भारतीय रेलवे वर्तमान में अभूतपूर्व विस्तार और आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है, जिसे केंद्रीय बजट 2026-27 में 2.78 लाख करोड़ रूप्ए के रिकॉर्ड बजटीय आवंटन से सशक्त बनाया गया है। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने रेखांकित किया कि रेलवे में एक प्रमुख संरचनात्मक सुधार रेल बजट का आम बजट में विलय था, जिसके परिणामस्वरूप तीन प्रमुख लाभ हुए हैं। उन्होंने भारतीय रेल के वर्तमान रूपांतरण को ‘धीमी प्रगति‘ से ‘सुपर-फास्ट ट्रांसफॉर्मेशन‘ की ओर एक बड़े बदलाव के रूप में वर्णित किया, जो इस राष्ट्रीय परिवहन सेवा के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
        अपने उत्तर में, श्री अश्विनी वैष्णव ने सीमावर्ती और सामरिक क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी पर दिए जा रहे विशेष बल को रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जो सामरिक आवाजाही और क्षेत्रीय विकास दोनों को बढ़ावा देंगी। जम्मू-कश्मीर में बारामूला-उरी विस्तार (डीपीआर चरण), काजीगुंड-बडगाम दोहरीकरण और जम्मू-राजौरी.पुंछ कनेक्टिविटी के लिए सर्वेक्षण जैसे कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उत्तरी और पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों में, अनुपगढ़-खाजूवाला, जैसलमेर-बाड़मेर-भीलडी और भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ अन्य मार्गों जैसी परियोजनाओं को पहुंच और लॉजिस्टिक्स में सुधार के लिए विकसित किया जा रहा है।
               राजस्थान में सीमावर्ती क्षेत्र में रेल नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए योजनाबद्व तरीके से कार्य किया जा रहा है। राजस्थान के अनूपगढ़-बीकानेर को जोड़ने के लिए 187 किलोमीटर नई रेल लाइन के कार्य को 2277 करोड़ रूपए के निर्माण करने की डीपीआर तैयार की गई है तथा स्वीकृति के आगामी चरण में है। इसके अतिरिक्त जैसलमेर-भाभर/भीलड़ी वाया बाडमेर, 380 किलोमीटर तथा खाजूवाला-जैसलमेर 260 किलोमीटर नई रेल के लिए फाइनल लोकेशन सर्वें का कार्य प्रगति पर है।
           रेलवे द्वारा किए जा रहे कार्यों के फलस्वरूप सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल नेटवर्क मजबूत होने के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को बेहतर रेल सम्पर्क उपलब्ध होगा। इसके साथ ही क्षेत्र में रेल लाइनो के निर्माण से समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और स्थापत्य कला के साथ धार्मिक और सामारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राजस्थान राज्य में व्यापारिक व सामाजिक सम्बन्ध प्रगाढ़ हांेगे।

Post a Comment

0 Comments