ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
अटल ज्ञान केन्द्रों में ग्रामीण युवाओं को मिलेगी ई-लर्निंग की सुविधाश्रीगंगानगर, 18 मार्च। माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ज्ञान केंद्रों की स्थापना ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है। अटल ज्ञान केंद्रों में प्रेरकों के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने कौशल को विकसित कर आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के स्व-अध्ययन व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आमजन की पठन प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए इन केन्द्रों पर ई-पुस्तकालय की सुविधा भी विकसित की जायेगी।
वित्त एवं विनियोग विधेयक (बजट 2026-27) में मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने 27 फरवरी 2026 को प्रदेश में आगामी वित्तीय वर्ष में एक हजार अतिरिक्त अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना करने की घोषणा की है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को ई-लर्निंग की सुविधा प्रदान करने की दिशा में वर्तमान में 1800 से अधिक अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इन केंद्रों की स्थापना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले तथा पढ़ने में रुचि रखने वाले ग्रामीण युवाओं को शहरों जैसी सुविधाएं उनके अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी। गांव में ही बेहतर संसाधन मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी। अटल ज्ञान केंद्रों के माध्यम से गांवों में शिक्षा और तकनीक के बीच की दूरी को प्रभावी रूप से कम किया जा सकेगा।
अटल ज्ञान केन्द्रों के माध्यम से आमजन को विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इससे वे अपने गांव में ही ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना से प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी अधिक पारदर्शी और सरल बनेंगी। यह पहल ग्रामीण युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक बनेगी।
अटल ज्ञान केंद्र में ई-लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां सामान्य पुस्तकें तथा शैक्षणिक सामग्री डिजिटल रूप में मौजूद रहेगी। कंप्यूटर और इंटरनेट की व्यवस्था से युवा ऑनलाइन अध्ययन कर सकेंगे। विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समर्पित सेक्शन होगा, जहां अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी। इसके अलावा कॅरियर परामर्श और क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी केंद्र का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। केंद्रों में ई-मित्र और कॉमन सर्विस सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। प्रत्येक केंद्र में एक प्रशिक्षित ‘अटल प्रेरक‘ नियुक्त किया जाएगा, जो दैनिक संचालन का प्रबंधन करेगा और नागरिकों को सहायता प्रदान करेगा। यह प्रेरक स्थानीय युवा होगा, जिसे विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, इससे स्थानीय रोजगार भी सृजित होगा। अटल ज्ञान केंद्र न केवल शिक्षा का माध्यम बनेंगे बल्कि सामाजिक परिवर्तन के वाहक भी साबित होंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अटल ज्ञान केंद्र योजना की घोषणा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा 25 दिसंबर 2024 को सुशासन दिवस के अवसर (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती) पर की गई थी। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध रूप से लाइब्रेरी व ई-लर्निंग सुविधाओं के साथ ये केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

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