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*राजस्थान में पंचायत चुनाव में देरी से विकास कार्य ठप, पंचायतों की सैकड़ों करोड़ की राशि अटकी - सांसद कुलदीप इंदौरा*

 



 *राजस्थान में पंचायत चुनाव में देरी से विकास कार्य ठप, पंचायतों की सैकड़ों करोड़ की राशि अटकी - सांसद कुलदीप इंदौरा*

श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सांसद कुलदीप इंदौरा ने लोकसभा में राजस्थान में पंचायत चुनाव समय पर न होने से पंचायतों के विकास कार्यों पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने पंचायती राज मंत्रालय से प्रश्न के माध्यम से जानकारी मांगी कि क्या पंचायत चुनाव में देरी के कारण केंद्र सरकार की निधि रोकी गई है और इसका ग्रामीण विकास पर क्या प्रभाव पड़ा है।

सांसद कुलदीप इंदौरा ने कहा कि सरकार के जवाब से स्पष्ट हुआ है कि राजस्थान में पंचायत चुनाव समय पर न होने के कारण पंद्रहवें वित्त आयोग के अंतर्गत ₹785.90 करोड़ की राशि जारी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे तौर पर ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा विकास कार्यों के लिए होती है, लेकिन पंचायतों में निर्वाचित निकायों के अभाव के कारण यह धनराशि अटक गई है।

उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर सड़क, पेयजल, स्वच्छता, नाली, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े अनेक विकास कार्य इन अनुदानों पर निर्भर होते हैं। चुनाव में देरी के कारण पंचायतों में न केवल विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की गति भी धीमी पड़ गई है।

सांसद कुलदीप इंदौरा ने आरोप लगाया कि राजस्थान की भाजपा सरकार पंचायत चुनाव समय पर कराने में विफल रही है, जिसका सीधा नुकसान ग्रामीण जनता को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की बुनियादी इकाई से जुड़े होते हैं और इन्हें समय पर कराना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन राज्य सरकार की लापरवाही के कारण ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 1.25 लाख से अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जिनमें लगभग 11 हजार सरपंच शामिल हैं, को लंबे समय से मानदेय नहीं मिल पाने जैसी समस्याएँ भी सामने आ रही हैं, जिससे पंचायत व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।

सांसद ने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर 25 प्रशासकों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें पद से हटाया गया है, जो यह दर्शाता है कि पंचायत प्रशासन में भी गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं।

सांसद कुलदीप इंदौरा ने कहा कि यदि पंचायत चुनाव समय पर होते और पंचायतों में विधिवत निर्वाचित निकाय मौजूद होते, तो केंद्र की यह राशि समय पर जारी हो सकती थी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलती।

सांसद ने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद और अन्य मंचों पर लगातार उठाते रहेंगे, जिससे राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके और पंचायतों को उनका वैधानिक अधिकार मिल सके।

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