कोचिंग संस्थान में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला आयोजित
श्रीगंगानगर, 19 मार्च। जिला कलक्टर डाॅ. मंजू एवं जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और एक स्वस्थ, सशक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से आईएमए कोचिंग संस्थान में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि नशा केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक ऐसी साजिश है जो धीरे-धीरे इंसान की सोच, परिवार और भविष्य को खोखला कर देती है। यह सिर्फ शरीर को नहीं, बल्कि सपनों को भी बर्बाद कर देता है। यह संदेश प्रमुख रूप से दिया गया कि जब कोई युवा पहली बार नशे की ओर कदम बढ़ाता है, वही उसका सबसे बड़ा मोड़ होता है। अगर उसी समय वह रुक जाए, तो वह अपनी पूरी जिंदगी बचा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि खुद को संभाल ले, तो वह न केवल अपनी जिंदगी को संवार सकता है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है। आप अपने माता-पिता की उम्मीद हैं, उनके सपनों की आखिरी किरण हैं। एक गलत कदम उन्हें जिंदगी भर के दर्द में बदल सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी इस दलदल से बाहर निकालने का प्रयास करेंगे। पुलिस कांस्टेबल प्रवीण कुमार ने मानस हेल्पलाइन 1933, साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के लिए युवाओं को जागरूक किया।

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