शहादत, बहादुरी एवं आत्म गौरव की ऐतिहासिक परंपरा उत्तर भारत की नारी विषयक सेमिनार आयोजित
श्रीगंगानगर, 10 मार्च। राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय श्रीगंगानगर में मंगलवार को सिक्ख फोरम सोसायटी, श्रीगंगानगर एवं 'पैड़ां पंजाबी साहित्यिक रसाला, राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीगंगानगर के थियेटर में एक सेमिनार का आयोजन किया गया।
सेमिनार का विषय शहादत, बहादुरी एवं आत्म गौरव की ऐतिहासिक परंपरा उत्तर भारत की नारी रहा, जिसमें विद्वानों ने उत्तर भारत की ऐतिहासिक महिलाओं की वीरता, बलिदान और आत्मसम्मान की परंपरा पर विस्तार से विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. पी. के. बैरवाल (प्रिंसिपल, राजकीय आर्युविज्ञान महाविद्यालय, श्रीगंगानगर) ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ सुखपाल सिंह (पीएमओ राजकीय जिला अस्पताल, श्रीगंगानगर) ने स्वागत भाषण देते हुए उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों का अभिनंदन किया।
सेमिनार के मुख्य अतिथि डॉ. परनीत कौर जग्गी (आचार्य, अंग्रेजी साहित्य, डॉ भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय, श्रीगंगानगर) रही। उन्होंने अपने संबोधन में प्रश्नोत्तर विधि के माध्यम से इतिहास से सीखकर अपने वर्तमान और भविष्य को सुधारने की बात कही। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. परमजीत सिंह मांगट (डिप्टी डायरेक्टर, एनआईसी श्रीगंगानगर) ने ऐतिहासिक महिलाओं के बारे में जानने, समझने और उनसे संबंधित किताबें पढ़ने पर जोर दिया।
डॉ. कुलदीप सिंह (विभागाध्यक्ष, पंजाबी विभाग, राजकीय महाविद्यालय सादुलशहर) ने सिख धर्म से संबंधित माता गुर्जर कौर, माई भागो और महारानी जिंदा आदि माताओं के जीवन और ऐतिहासिक संघर्ष को संक्षेप में बताया। उनके संघर्ष, सेवा, समर्पण, त्याग, शहादत, देशभक्ति, आत्म गौरव तथा सहयोग की भावना को अपने जीवन में उतारने की बात पर बल दिया। श्रीमती मंजू पंवार (ट्यूटर, राजकीय नर्सिंग कॉलेज, श्रीगंगानगर) ने विषय से सबंधित ऐतिहासिक तथ्यों और सामाजिक संदर्भों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. पी. के. बैरवाल ने कहा कि भारत की नारी ने समय-समय पर शौर्य, त्याग और आत्मसम्मान की परंपरा को जीवित रखा है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है।
अंत में डॉ. शिवइन्द्रपाल सिंह (राजकीय नर्सिंग कॉलेज, श्रीगंगानगर) ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। सेमिनार में शिक्षकों, विद्यार्थियों, प्रबुद्धजनों तथा कर्मचारियों ने भाग लिया।


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