जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव की प्रेरणा से मंडी समिति हनुमानगढ़ जंक्शन के व्यापारियों एवं मंडी स्टॉफ ने टीबी मरीजों के लिए जुटाए एक लाख 31 हजार रुपए चिकित्सा विभाग को किए सुपुर्द
- सहयोग राशि से 40 से अधिक टीबी रोगियों को मिलेगा नियमित पोषण, प्रशासन ने और सहयोग की अपील की
हनुमानगढ़। समाज जब जिम्मेदारी निभाता है तो बदलाव की राह खुद बन जाती है। इसी भावना का प्रेरक उदाहरण हनुमानगढ़ में देखने को मिला, जहां मंडी समिति हनुमानगढ़ जंक्शन के व्यापारियों एवं मंडी स्टॉफ ने टीबी मरीजों के स्वास्थ्य सुधार के लिए एक लाख 31 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव की प्रेरणा से यह राशि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुकेश शेखावत को सौंपी। यह सहयोग केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक सहभागिता का सशक्त संदेश है। इस राशि से जिले के 40 से अधिक टीबी मरीजों को छह माह तक पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके उपचार में तेजी आएगी और वे जल्द स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकेंगे।
जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि टीबी छुआछूत की बीमारी नहीं है और सही उपचार तथा बेहतर पोषण से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। मेडिकल साईंस के अनुसार 95 प्रतिशत लोगों में टीबी का बैक्टीरिया (जीवाणु) होता है, लेकिन हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है। इसका मुख्य कारण है कि हम अच्छी पोषण सामग्री का सेवन करते हैं। अच्छे खानपान की वजह से टीबी का जीवाणु सक्रिय होकर हमें बीमार नहीं कर पाते। दूसरी स्थिति में अगर कोई व्यक्ति काफी समय से बीमार है, साफ-सफाई नहीं रख रहा है, अच्छा भोजन नहीं कर रहा है, तो ऐसी स्थिति में हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, तो हमें कभी भी क्षय रोग हो सकता है। हमें टीबी का उपचार कर रहे मरीजों को पोषण सामग्री उपलब्ध करवाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारियों के प्रयासों से समाजसेवी लोगों के सहयोग से हम एक लाख 31 हजार रुपए की राशि से लगभग 40 से अधिक रोगियों को छ: माह तक पोषण सामग्री उपलब्ध करवा जाएंगे। उन्होंने अन्य मंडी समितियों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की ताकि जिले का कोई भी टीबी मरीज पोषण से वंचित न रहे।
'निक्षय मित्रÓ बनकर बदल सकते हैं किसी का जीवन
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने स्वयं के खर्चे पर टीबी के एक मरीज को छ: माह तक पोषण सामग्री देकर 'निक्षय मित्रÓ बनकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिला कलक्टर के आह्वान के बाद समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, भामाशाह, चिकित्सा विभाग के साथ आमजन ने भी निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण सामग्री दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को दवा खाने के साथ-साथ पोषण सामग्री की भी आवश्यकता होती है। कोई भी व्यक्ति, सामाजिक संस्था, जनप्रतिनिधि आदि टीबी मरीज को गोद लेकर उन्हें पोषण सामग्री उपलब्ध करवा सकता है। इसमें टीबी मरीजों को मूंग, दाल, चने, गुड़, सरसों का तेल, गेहूं-चावल जैसी पोषण सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत निक्षय मित्र बनें और टीबी मरीजों को हर महीने पोषण की थैली प्रदान करें। उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक प्रयास है और समाज के हर व्यक्ति को इसमें अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने भामाशाहों, निजी शिक्षण संस्थानों, व्यवसायियों तथा दुकानदारों से भी अभियान से जुडऩे की अपील की।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुकेश शेखावत ने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक 4254 टीबी मरीज खोजे गए हैं, लेकिन जिले में 2195 निक्षय मित्र ही बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमें सभी टीबी मरीजों के लिए निक्षय मित्र बनकर उन्हें पोषण की थैली उपलब्ध करवाने का प्रयास करना चाहिए। दवा के साथ पोषण ही टीबी मरीज की असली ताकत है। यदि हर सक्षम व्यक्ति एक मरीज का साथ पकड़ ले, तो टीबी जैसी बीमारी समाज से जड़ से खत्म हो सकती है। उन्होंने नागरिकों, संस्थाओं, व्यापारियों और शिक्षण संस्थानों से इस अभियान में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि यह केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का अवसर है।
कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित
व्यवसायी पदम चन्द्र जैन, तरुण कौशल, इन्द्र कुमार हिसारिया, तथा मंडी के व्यापारियों की ओर से लेखाधिकारी मांगीलाल शर्मा, सहायक लेखाधिकारी प्रकाश चन्द्र, रजनी शर्मा एवं अन्य स्टाफ के माध्यम से एक लाख 31 हजार रुपए की राशि चिकित्सा विभाग को भेंट की गई। कार्यक्रम में समिति के सदस्य सचिव विष्णुदत्त शर्मा, रामलाल किरोड़ीवाल, मंडी समिति गोलूवाला, संगरिया, टिब्बी, सादुलशहर, डबली, हनुमानगढ़ टाउन के अधिकारी मनोज काजला, राकेश, विनीता, हिना, प्रवीण एवं सुमित उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) से डीपीसी बलविन्द्र सिंह, एसटीएलएस अल्केश गोदारा, अमित कुमार एवं डीपीसी (आईईसी) मनीष शर्मा आदि उपस्थित रहे।





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