मोबाइल एकेडमी व किलकारी सेवा से मजबूत हो रहा मातृ-शिशु स्वास्थ्य संचार : डॉ. नवनीत शर्मा
गर्भवती महिलाओं तक घर बैठे पहुँच रहे स्वास्थ्य संदेश, आशाओं को भी मिल रहा प्रशिक्षण
हनुमानगढ़। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में जिले में मोबाइल एकेडमी एवं किलकारी कार्यक्रम पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सरल माध्यम से पहुँचाना तथा आशा सहयोगिनियों की क्षमता को तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से मजबूत करना रहा।
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित किलकारी सेवा के माध्यम से पीसीटीएस में पंजीकृत महिलाओं को नियमित वॉयस मैसेज प्राप्त हो रहे हैं। इससे गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद आवश्यक सावधानियों, पोषण, टीकाकरण तथा शिशु देखभाल संबंधी जानकारी घर बैठे मिल रही है। डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि किलकारी सेवा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल है, जिसके तहत लाभार्थी महिला को गर्भकाल के चौथे माह से वॉयस मैसेज मिलना शुरू हो जाता है। शिशु के जन्म के बाद भी एक वर्ष की आयु तक संदेश भेजे जाते हैं। इन संदेशों में एएनसी जांच, सुरक्षित प्रसव, एचबीएनसी देखभाल, परिवार कल्याण और पूर्ण टीकाकरण जैसे विषय शामिल रहते हैं।
मोबाइल एकेडमी से आशाओं का कौशल विकास
कार्यक्रम अधिकारी नवल किशोर व्यास ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि यह सेवा मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता का प्रभावी माध्यम बन रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य जानकारी आसानी से पहुँच रही है। कार्यशाला में मोबाइल एकेडमी कोर्स की प्रगति पर भी चर्चा हुई। आशा प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि जिले की करीब एक हजार आशा सहयोगिनियों को कोर्स पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं, जबकि शेष के लिए शीघ्र प्रमाण पत्र उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह कोर्स आशाओं को क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ देने, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान करने तथा समय पर रेफरल सुनिश्चित करने में मदद कर रहा है।
अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा
कार्यशाला में आशा कार्यक्रम, एनसीडी स्क्रीनिंग, आभा आईडी, वीएचएसएनसी तथा परिवार कल्याण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने आशाओं के भुगतान, पोर्टल अपडेट, मोबिलाइजेशन गतिविधियों और स्वास्थ्य अभियानों में सहभागिता पर विशेष जोर दिया। जिले में हाइपरटेंशन, मधुमेह, स्तन, सर्वाइकल और ओरल कैंसर स्क्रीनिंग की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्तर पर डाटा एंट्री, फॉलोअप व्यवस्था और दवा उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता तभी बढ़ेगी जब पोर्टल अपडेट समय पर हो, फील्ड में समन्वय मजबूत हो और लाभार्थियों तक सेवाएँ सहज रूप से पहुँचें। ब्लॉक टीमों को नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर प्रगति रिपोर्ट जिला स्तर पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।





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