जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों को किया शत-प्रतिशत सिंचाई शुल्क वसूल करने हेतु निर्देशित
श्रीगंगानगर, 12 मार्च। सिंचाई शुल्क की वसूली के सम्बन्ध में सिंचाई विश्राम गृह श्रीगंगानगर में जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री धीरज चावला की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अधिशाषी अभियंता उत्तर व दक्षिण खंड श्रीगंगानगर, सहायक अभियंता, डिप्टी कलक्टर, जिलेदार एवं जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष उपस्थित रहे।
बैठक में लक्ष्य अनुसार शत-प्रतिशत सिंचाई शुल्क के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों को शत-प्रतिशत सिंचाई शुल्क वसूल करने हेतु निर्देशित किया गया। जिन उपयोक्ता संगमों के वसूली कैम्प समाप्त हो चुके हैं, उन्हें अधिकतम बकाया वाले काश्तकारों की सूची अधिशाषी अभियंता को उपलब्ध करवाने हेतु निर्देशित किया गया ताकि उन्हें बारी विवर्जित करने के आदेश जारी किये जा सकें।
इस दौरान जिन अध्यक्षों के वसूली कैम्प अभी चल रहे हैं, वे कैम्प के अगले दिन दो या दो से अधिक फसलों के बकाया वाले काश्तकारों की सूची उपलब्ध करवायेंगे ताकि राजस्थान सिंचाई एवं जल निकास नियम-1954 के नियम 10 (ड) के अन्तर्गत बारी विवर्जित करने के आदेश जारी किये जा सकें।
श्री चावला ने बताया कि इस बैठक में जो जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष बैठक में उपस्थित नहीं हुए हैं व उनके पास बैठक में उपस्थित होने का उचित कारण नहीं है, जिनकी वसूली कम है तथा दो या दो से अधिक फसलों के बकाया वाले काश्तकारों की सूचियां भी उपलब्ध नहीं करवायी हैं, उन्हें तीन दिवस में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु नोटिस दिये जाने के निर्देश अधिशाषी अभियंताओं को दिये गये।
उन्होंने बताया कि स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं होने की स्थिति में अधिशाषी अभियंताओं को उनके विरूद्ध राजस्थान सिंचाई प्रणाली के प्रबन्ध में कृषकों की सहभागिता अधिनियम 2000 व 2002 को नियम 45 के अन्तर्गत प्रस्ताव प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया।
इसके अलावा संबंधित किसानों को वसूली सम्बन्धी जानकारी लगातार देने, सिंचाई शुल्क बकाया बाले काश्तकारों के नाम सार्वजनिक करने, सिंचाई शुल्क जमा होने पर ही बारी इकट्ठी (लिफ्ट) करने हेतु निर्देशित किया गया।
उन्होंने बताया कि बैठक में सिंचाई शुल्क की वसूली नहीं करने, सिंचाई शुल्क बकाया वाले काश्तकारों की सूची प्रस्तुत नहीं करने तथा बैठक में उपस्थित ना होने पर जल उपयोक्ता संगम चक महाराजका, सिहागावाली, अक्कांवाली, मनफूलसिंह वाला, लाधूवाला, गणेशगढ प्रथम, गणेशगढ़-द्वितीय, एल.एन.पी. वितरिका-5, मांझूवास, बींझबायला-प्रथम, जोड़कियां, रिडमलसर-प्रथम, रिडमलसर-द्वितीय, सजासर, लालेवाला, निर्वाणा, रतनपुरा, महाराजका, कालूवाला, साहूवाला, 7-ई छोटी के अध्यक्ष को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही अधिशाषी अभियंताओं द्वारा प्रस्तुत सूची अनुसार जिन काश्तकारों का सिंचाई शुल्क अधिकतम बकाया है, उनको बारी विवर्जित करने के आदेश अनुमोदित किये गये।

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