पाॅश एक्ट के बारे में एसबीआई रिजनल ऑफिस की महिला कार्मिकों को किया जागरूक
श्रीगंगानगर, 13 मार्च। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीगंगानगर के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) के निर्देश पर शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश) द्वारा स्टेट बैंक आॅफ इंडिया के रिजनल बिजनस आॅफिस श्रीगंगानगर में पाॅश एक्ट 2013 के बारे में महिला कार्मिकों को जागरूक करने हेतु विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान रवि प्रकाश सुथार ने एसबीआई रिजनल आॅफिस की महिला कार्मिकों को सम्बोधित करते हुए बताया कि पाॅश एक्ट (निवारण, प्रतितेष और प्रतितोष) अधिनियम 2013, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न- रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय कानून है। यह 10 या अधिक कर्मचारियों वाले हर संगठन में आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन अनिवार्य करता है। इसमें माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित दिशा-निर्देशों के तहत शिकायत दर्ज करने, जांच करने और कार्यवाही करने का प्रावधान है। पाॅश अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को रोकना और उनसे सम्बंधित शिकायतों का निवारण करना है।
यह अधिनियम सभी सरकारी, निजी, गैर-सरकारी संगठनों, असंगठित क्षेत्रों और छोटे प्रतिष्ठानों पर लागू होता है, जिसमें उत्पीड़न की घटना के 3 महीने के भीतर शिकायत दर्ज करना अनिवार्य है। शिविर के दौरान ही एडीजे श्री सुथार द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता, हिट एण्ड रन स्कीम, ई-समाधान पोर्टल नालसा हेल्पलाईन नं. 15100 तथा एल.ए.डी.सी.एस. की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इसी के साथ ही बैंक के सहायक महा प्रबंधक से 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक से सम्बंधित राजीनामा योग्य प्रकरणों के अत्यधिक निस्तारण में सहयोग किये जाने की अपील की गई।
इस दौरान चीफ लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल श्री रोहताश यादव व श्री अमन चलाना तथा बैंक से सहायक महाप्रबंधक श्री विचिव कुमार शर्मा, मुख्य प्रबंधक कीर्ती तिवाड़ी, मुख्य प्रबंधक अश्विनीपाल मीणा एवं प्रबंधक एचआर अश्वनी कुमार सहित बैंक के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। (फोटो सहित)
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14 मार्च शनिवार को होगा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
श्रीगंगानगर, 13 मार्च। माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राजस्थान उच्च न्यायालय परिसर) जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर के निर्देश पर इस वर्ष की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च 2026 (द्वितीय शनिवार) को पूरे जिले में किया जायेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु समस्त जिले के लिये कुल 13 बैंच्स का गठन किया गया है। जिला मुख्यालय पर राजस्व न्यायालय की बैंच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में व तालुका मुख्यालय पर न्यायिक अधिकारीगण के साथ गठित की गई है। इसके साथ ही जिला मुख्यालय पर कुल 5 बैंचों का गठन किया गया है। एडीजे श्री सुथार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दाण्डिक शमनीय अपराध, चैक अनादरण के मामले, बैंक ऋण संबंधी मामले, मोटरयान दुर्घटना संबंधी मामले, उपभोक्ता सम्बंधी मामले, वैवाहिक मामले, ऋण विवाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व सम्बंधी मामले, बिजली पानी के अशमनीय मामलों के अतिरिक्त मामले व अन्य सिविल मामलों व राजीनामा योग्य मामलों का निस्तारण समझाईश से करवाने के प्रयास किये जायेंगे।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन 18118 प्रकरण, न्यायालयों में लंबित 8562 प्रकरण व कुल 26680 प्रकरण चिन्हित् कर रखे गये हैं, जिनके निस्तारण हेतु पूर्व में संबंधित पक्षकारान को नोटिस भिजवाये जा चुके हैं। एडीजे श्री रवि प्रकाश सुथार द्वारा आमजन से अपील की गई है कि द्वितीय शनिवार 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने प्रकरण का राजीनामा से निस्तारण करवाने हेतु बढ़चढ़ कर हिस्सा लेवें। इस लोक अदालत के अवसर का लाभ उठाने हेतु पक्षकारान संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर अपने प्रकरण का राजीनामा से निस्तारण करवायें।

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