बैठक में दिए सिंचाई शुल्क की शत-प्रतिशत वसूली के निर्देश
श्रीगंगानगर, 16 मार्च। सिंचाई शुल्क की वसूली के सम्बन्ध में जल संसाधन उपखण्ड, रायसिंहनगर, सहायक अभियंता प्रथम, जल संसाधन खण्ड रायसिंहनगर मुख्यालय रायसिंहनगर की खण्ड कार्यालय, रायसिंहनगर में अधीक्षण अभियंता धीरज चावला की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया।
जल संसाधन वृत श्रीगंगानगर के अधीक्षण अभियंता धीरज चावला ने बताया कि बैठक में लक्ष्य अनुसार शत-प्रतिशत सिंचाई शुल्क के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों को शत-प्रतिशत सिंचाई शुल्क वसूल करने हेतु निर्देशित किया गया। जिन उपयोक्ता संगमों के वसूली कैम्प समाप्त हो चुके हैं, उन्हें अधिकतम बकाया बाले काश्तकारों की सूची अधिशाषी अभियंता को उपलब्ध करवाने हेतु निर्देशित किया गया ताकि उन्हें बारी विवर्जित करने के आदेश जारी किये जा सकें।
उन्होंने बताया कि जिन अध्यक्षों के वसूली कैम्प अभी चल रहे हैं, वे कैम्प के अगले दिन दो या दो से अधिक फसलों के बकाया वाले काश्तकारों की सूची उपलब्ध करवायेंगे ताकि राजस्थान सिंचाई एवं जल निकास नियम 1954 के नियम 10 (ड) के अन्तर्गत बारी विवर्जित करने के आदेश जारी किये जा सकें। जिन काश्तकारों की बारी सिंचाई शुल्क बकाया होने के कारण पूर्व में काटी जा चुकी हैं, उनकी बारी को एक वर्ष तक बहाल नहीं किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
बैठक में अधीक्षण अभियंता द्वारा समाचार पत्रों में वसूली सम्बन्धी जानकारी लगातार देने, सिंचाई शुल्क बकाया वाले काश्तकारों के नाम सार्वजनिक करने और बारी इकट्ठी तभी की जाये, जब सिंचाई शुल्क जमा किया हो। इसके अलावा रायसिंहनगर क्षेत्र के अध्यक्ष, जल उपयोक्ता संगम, 7 पी.एस., सांवतसर (पी.एस.), 43 पी.एस., 48 एन.पी., 57 एन.पी., सांवतसर (एन.पी.), फकीरवाली, आर.बी. द्वितीय, बाला, आर.बी. लोअर प्रथम, आर.बी. लोअर द्वितीय, आर.बी. लोअर-चतुर्थ, आर.बी. लोअर षष्ठम्, संगराना प्रथम द्वारा ना तो सिंचाई शुल्क की वसूली गयी, ना ही सिंचाई शुल्क बकाया वाले काश्तकारों की सूची प्रस्तुत की तथा ना बैठक में उपस्थित हुए।
बैठक में इन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया। स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं होने की स्थिति में अधिशाषी अभियंताओं को उनके विरुद्ध राजस्थान सिंचाई प्रणाली के प्रबन्ध में कृषकों की सहभागिता अधिनियम 2000 व 2002 के नियम 45 के अन्तर्गत प्रस्ताव प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही अधिशाषी अभियंता द्वारा प्रस्तुत सूची अनुसार जिन काश्तकारों का सिंचाई शुल्क अधिकतम बकाया है, उनको बारी विवर्जित करने के आदेश अनुमोदित किये गये। 12 जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों ने शत-प्रतिशत सिंचाई शुल्क वसूल करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि बैठक में 15 अप्रैल 2026 से ई-बारी पोर्टल से बारी तैयार करने तथा ई-आवियाना पोर्टल पर आबियाना सम्बन्धी जानकारी उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता, डिप्टी कलक्टर, जिलेदार एवं जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष उपस्थित हुए।

0 Comments