डीएलसी/डीएलआरसी बैठक में कमजोर वर्ग को अधिक ऋण देने के निर्देश
हनुमानगढ़, 11 मार्च। जिला सलाहकार समिति (डीएलसी) और जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की बैठक बुधवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री उम्मेदीलाल मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में सरकारी योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति और कमजोर वर्ग को अधिकाधिक वित्त पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बैंकों द्वारा वार्षिक साख योजना के 80.34 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग को दिए गए ऋण का प्रतिशत घटने पर असंतोष जताया। उन्होंने मार्च तक इस वर्ग को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करते हुए गरीब, कमजोर वर्ग और महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने को कहा।
भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्रेक अखिलेश तिवारी ने बैंकिंग व्यवसाय प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए वर्ष 2030 तक महिला बैंक बीसी की भागीदारी 30 प्रतिशत तक बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने क्रेडिट और डिपॉजिट में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने पर चिंता जताते हुए बैंकों को जमा राशि बढ़ाने के लिए प्रयास करने को कहा।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक काकोड़िया ने न्यू एएमआई योजना, एग्रीक्लिनिक एग्रीबिजनेस सेंटर योजना, एआईएफ और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों के तहत निवेश ऋण प्रवाह बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराध से बचाव के लिए आमजन को जागरूक करने हेतु शिविर आयोजित करने की सलाह दी।
बैठक में जनप्रतिनिधि श्री दयाराम जाखड़, भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक अखिलेश तिवारी, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक दयानंद काकोड़िया, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक बलविंदर सिंह, राजस्थान ग्रामीण बैंक के महेश गोयल, राजीविका के जिला परियोजना प्रबंधक वैभव अरोड़ा, जिला उद्योग केंद्र की जीएम दिव्या शर्मा सहित विभिन्न बैंकों और विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



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