*सांसद इंदौरा ने सीमा पार खेतों से जूझ रहे श्रीगंगानगर के किसानों की समस्या लोकसभा में उठाई, वैकल्पिक जमीन देने की मांग*
श्रीगंगानगर। लोकसभा में नियम 377 के तहत एक महत्वपूर्ण मामला उठाते हुए सांसद कुलदीप इंदौरा ने श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती किसानों की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने बताया कि श्रीगंगानगर एक सीमावर्ती जिला होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों की कृषि भूमि भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की फेंसिंग के उस पार स्थित है। ऐसे किसानों को अपने ही खेतों में खेती करने के लिए प्रतिदिन पास बनवाना पड़ता है और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सुरक्षा जांच के बाद ही उन्हें खेतों तक जाने की अनुमति मिलती है।
सांसद ने कहा कि किसानों को खेती के काम के लिए मजदूर भी साथ ले जाने पड़ते हैं, लेकिन हर दिन वही मजदूर उपलब्ध हो पाना संभव नहीं होता। इसके कारण अलग-अलग मजदूरों के लिए बार-बार पास बनवाने में काफी दिक्कतें आती हैं और समय पर कृषि कार्य नहीं हो पाता।
उन्होंने यह भी बताया कि कई बार नहरों का पानी रात के समय खेतों तक पहुंचता है, लेकिन पास और सुरक्षा प्रक्रियाओं के कारण किसान रात में खेतों तक नहीं जा पाते। इससे सिंचाई नहीं हो पाती और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
इन परिस्थितियों को गंभीर बताते हुए कुलदीप इंदौरा ने केंद्र सरकार से मांग की कि जिन किसानों की जमीन बॉर्डर फेंसिंग के उस पार है, उन्हें बॉर्डर के इस तरफ उपयुक्त वैकल्पिक कृषि भूमि आवंटित की जाए। उनका कहना था कि इससे किसान बिना सुरक्षा प्रतिबंधों की बाधा के खेती कर सकेंगे और उनकी आजीविका सुचारू रूप से चल सकेंगी।

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