*वास्तविक लक्ष्य निर्धारित करें, कॉन्सेप्ट समझने पर जोर दें; निरंतर स्मार्ट अभ्यास से मिलेगी सफलता — कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव*
*जिला कलेक्टर ने किया कलेक्टर क्लास के विद्यार्थियों से संवाद*
हनुमानगढ़, 14 फरवरी। कलेक्टर क्लास के तहत शनिवार को जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने क्लास में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने कलेक्टर से उनकी सफलता की यात्रा, समय प्रबंधन और मोटिवेट रहने के तरीकों के बारे में सवाल किए। जिला कलेक्टर ने कहा कि टाइम टेबल हमेशा दीर्घकालीन योजना के अनुसार बनाएं, दैनिक दिनचर्या के कार्यों को संतुलित समय दें और लक्ष्य वास्तविक रखें।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि केवल किताब के सामने बैठना पर्याप्त नहीं, बल्कि कॉन्सेप्ट को समझना और अपनाना जरूरी है। डायग्राम व मॉडल की मदद से टॉपिक को समझे। उन्होंने कहा कि रटोगे तो भूल जाओगे, समझोगे तो हर परिस्थिति में उत्तर देने के लिए तैयार रहोगे। जिला कलेक्टर ने कहा कि जब लक्ष्य प्राप्त करने योग्य और वास्तविक होते हैं, तो उन्हें हासिल करने पर आत्मविश्वास स्वतः बढ़ता है, जबकि अवास्तविक लक्ष्य डिमोटिवेट करते हैं। टाइम टेबल में बैकलॉग के लिए भी समय रखें, ताकि छूटे हुए टॉपिक भी कवर किए जा सकें।
सेल्फ मोटिवेशन से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय व ओलंपिक स्तर के खिलाड़ी भी नियमित अभ्यास करते हैं और निरंतर मेहनत से ही अपने प्रदर्शन को निखारते हैं। इसी तरह विद्यार्थियों को भी स्मार्ट तरीके से लगातार प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक भीतर महत्वाकांक्षा की आग नहीं जगेगी, तब तक आत्मप्रेरणा नहीं आएगी। अपनी ताकत पहचानें, कमजोरियों में सुधार करें और परिवार, शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बाकी रास्ते समय के साथ खुलते जायेंगे, इसलिए स्मार्ट तरीके से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास दें।
इस अवसर पर कलेक्टर ने विद्यार्थियों के सभी प्रश्नों के उत्तर दिए और कलेक्टर क्लास को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्राप्त सुझावों पर भी चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए तैयार वाचनालय का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम में एनएमपीसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामपाल अहरोदिया, सहायक प्रोफेसर डॉ. विनोद खुड़ीवाल, एपीआरओ श्री राजपाल लम्बोरिया, वरिष्ठ अध्यापक श्री उमेश शर्मा और श्री राकेश कड़वासरा सहित अन्य मौजूद रहे।
गौरतलब है कि जिले में आर्थिक रूप से कमजोर व ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयार करने हेतु जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने नवाचार के रूप में ‘कलेक्टर क्लास’ नामक कोचिंग मॉडल शुरू किया है। इसकी नियमित कक्षाएं 9 फरवरी से टाऊन स्थित राजकीय एनएमपीजी महाविद्यालय में संचालित हो रही हैं, जिसके प्रथम बैच में 76 विद्यार्थियों का नामांकन किया गया है।
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