*हर हफ्ते मिलेगी मजदूरी, 15 दिन में पेमेंट नहीं तो मिलेगा ब्याज भी - प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल*
*- भाजपा जिला कार्यालय में वीबी जीरामजी एक्ट के तहत प्रैस वार्ता का आयोजन*
हनुमानगढ़। दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना जी राम जी कानून के तहत एक हफ्ते के भीतर मजदूरी देना अनिवार्य होगा। देरी करने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी। अगर 15 दिन के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो मजदूरों को 0.05 प्रतिशम की दर से ब्याज के रूप में अतिरिक्त मजदूरी दी जाएगी। यह बात कही रविवार को भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रैस वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल ने। प्रैस वार्ता को प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, भाजपा नेता अमित चौधरी, जीरामजी जन जागरण अभियान जिला संयोजक सुशील गोदारा, मन की बात जिला प्रभारी उषा वधवा, जिला महामंत्री प्रदीप एरी, जिला मीडिया प्रभारी कृष्ण तायल ने संबोधित किया। प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल ने कहा कि विकसित भारत- जी राम जी एक्ट, 2025 के तहत 100 नहीं, बल्कि 125 दिनों के काम की कानूनी गारंटी दी गई है और काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते के प्रावधान को और सशक्त बनाया गया है। इस कानून के तहत अब मजदूरी एक सप्ताह के भीतर देना अनिवार्य है, साथ ही, अगर 15 दिन में भुगतान नहीं हुआ, तो मजदूर को 0.05 प्रतिशत अतिरिक्त मजदूरी ब्याज के रूप में दी जाएगी। पहले देरी पर कुछ नहीं मिलता था, अब देरी करने वालों को उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण से भगवान राम का नाम बन गया और विपक्षी दलों को इतनी अच्छी योजना भा नही रही और राम जी का नाम लेने में तकलीफ हो रही है, इसलिये वह इस योजना का विरोध कर रहे है।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने कांग्रेस पर राम के नाम पर विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा राम के नाम पर विरोध करती है और अफवाह फैला रही है, जबकि जब से देश में नरेन्द्र मोदी ने कमान संभाली, तब से मनरेगा पर 11.74 लाख करोड़ खर्च हुए. इनमें से 8.53 लाख करोड़ केंद्र की मोदी सरकार ने दिए. मोदी सरकार में नाम नहीं काम होते हैं. कांग्रेस के समय 600 योजनाएं गांधी व नेहरू का नाम डालकर लागू की थी, अब जनता के सामने झूठ फैला रही है।
विकसित भारत जीरामजी जन जागरण अभियान के जिला संयोजक सुशील गोदारा ने कहा कि खेती के पीक सीजन के दौरान मजदूरों की पर्याप्त उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए नए कानून में राज्य सरकारों को विशेष अधिकार दिया गया है कि वो कटाई-बुवाई के समय अधिकतम 60 दिनों तक मजदूरों को खेती के कामों में लगाने के लिए अधिसूचना जारी करें। नए जी राम जी कानून में प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे रोजगार सहायकों के वेतन में देरी और भुगतान की समस्याएं न खड़ी हों। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा की जगह लाये गए नए विकसित भारत - जी राम जी कानून का बजट करीब 72 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। अब तक इस योजना के लिए पिछले बजट में 88,000 का प्रावधान था, इस बार ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसका बजट बढाकर ₹1,51,282 करोड़ रुपये करने का प्रस्तावित रखा है।
भाजपा नेता अमित चौधरी ने कहा कि विकसित भारत जी राम जी एक्ट, 2025 के तहत गांव की जरूरत का कोई भी काम कराये जाने का फैसला अब ग्राम सभा द्वारा ही लिए जा सकेगें। अब गांव की जरुरतों के अनुसार काम होगा, यही इस योजना की आत्मा है, और भारत गांवों में वास करता है। इस एक्ट के लागू होने से गांव में जल संरक्षण, इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम, आजीविका मूलक गतिविधियों तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव आदि के काम किए जा सकेंगे। भारत सरकार जी राम जी कानून के जरिये ग्रामीण महिलाओं को सशक्त भी बना चाहती है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, इस योजना में एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत काम महिलाओं को देना अनिवार्य किया गया है, इसके लिए मजदूरी के साथ-साथ अन्य कार्यों में भी उनके लिए पर्याप्त अवसर सुनिश्चित किए गए हैं।
प्रेस वार्ता के अंत में जिला मीडिया प्रभारी कृष्ण तायल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।




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