*खिलने से पहले ही बीमारी की चपेट में आए नन्हें फूलों का होगा उपचार*
*- दिल में छेद की बीमारी के बच्चों का अहमदाबाद में होगा निशुल्क आपरेशन*
हनुमानगढ़। जिले के 7 परिवारों में एक साथ खुशियां आई हैं। ये वे परिवार हैं, जिनके आंगन के नन्हें फूल खिलने से पहले ही बीमारी की चपेट में आ गए हैं। अब कुछ ही दिनों बाद इन सभी 7 आंगनों में ये फूल खिल सकेंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी चाहर ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) चल रहा है। जिले में स्थापित सात ब्लॉकों में कुल 14 टीमें काम कर रही हैं। प्रत्येक टीम में दो आयुष डॉक्टर्स सहित फार्मासिस्ट एवं एएनएम होती हैं। यह टीमें सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र एवं मदरसों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच एवं स्क्रीनिंग करती है। बच्चों में बीमारी पाए जाने पर उनका इलाज किया जाता है। यदि बच्चों को उच्चतम उपचार की आवश्यकता होती है, तो उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल अथवा जिले के बाहर किसी उच्चतम चिकित्सा केन्द्र में रैफर भी किया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एवं रिसर्च फाउंडेशन राजकोट, गुजरात द्वारा 29 एवं 30 अप्रैल 2023 को जयपुर के महावीर कॉलेज में एक शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें जिले के 10 बच्चों को स्क्रीनिंग के बाद उपचार के लिए जयपुर ले जाया गया, जिनमें दिल में छेद की समस्या की आशंका थी। टीम में अतिरिक्त जिला नोडल अधिकारी आरबीएसके डॉ. नवनीत कौर एवं सीएचसी डबलीराठान से नर्सिंग ऑफिसर धर्मपाल छिम्पा बच्चों के साथ जयपुर गए थे। जयपुर में जांच के बाद 7 बच्चों को आपरेशन की तारीख दे दी गई। यह आपरेशन 1 से 5 जुलाई 2023 के मध्य गुजरात के अहमदाबाद में सत्यसाई अस्पताल में निशुल्क किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों एवं उनके परिजनों को जयपुर आने-जाने व रहने की व्यवस्था चिकित्सा विभाग द्वारा की गई।
डॉ. चाहर ने बताया कि संगरिया के निवासी विनोद कुमार की पुत्री रिद्धि का 1 जुलाई को आपरेशन किया जाएगा। इसी तरह, भादरा के सुनील कुमार की पुत्री गौरवी एवं भादरा के मदनलाल की पुत्री लवण्या का आपरेशन 3 जुलाई को, संगरिया के उदयपाल की पुत्री हिमांशी, टिब्बी के विनोद कुमार के पुत्र जतिन एवं हनुमानगढ़ के हीरालाल के पुत्र जिगर का आपरेशन 4 जुलाई को तथा टिब्बी के जीतराम की पुत्री मीनू का आपरेशन 5 जुलाई को अहमदाबाद के सत्यसाई हॉस्पीटल में निशुल्क किए जाएंगे। मीनू की आयु मात्र 4 माह की है। अन्य बच्चों भी पांच साल की आयु के हैं।
डॉ. चाहर ने बताया कि आरबीएसके के तहत 41 तरह की जन्मजात बीमारियों का निशुल्क उपचार किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से कटा होठ व तालू, दिल में छेद, पैरों का मुडऩा, मोतियाबिंद या आंखों से संबंधित बीमारियां, मुख व दांतों की बीमारियां, कान की बीमारियां, स्किन, विजन, एनीमिया, कुपोषण, अतिकुपोषण आदि बीमारियां शामिल है।

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