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श्रीगंगानगर: फसलों के लिए पानी की किल्लत, सांसद कुलदीप इंदौरा ने बीबीएमबी अधिकारियों के साथ की बैठक*

 *श्रीगंगानगर: फसलों के लिए पानी की किल्लत, सांसद कुलदीप इंदौरा ने बीबीएमबी अधिकारियों के साथ की बैठक*





श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र के किसानों की रबी की फसलों पर मंडरा रहे जल संकट को देखते हुए सांसद कुलदीप इंदौरा ने सक्रियता दिखाई है। आईजीएनपी , भाखड़ा और गंग कैनाल क्षेत्र में पानी की कमी के कारण दम तोड़ रही गेहूं, जौ और चने की फसलों को बचाने के लिए सांसद ने गुरुवार को जम्मू में भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
सांसद इंदौरा ने बैठक के दौरान बलबीर सिंह सिंहमार सचिव बीबीएमबी,राकेश  गुप्ता मुख्य अभियंता व्यास बांध  तलवाड़ा,अधीक्षण अभियंता (मुख्यालय तलवाड़ा) विमल कुमार मीणा और अधिशासी अभियंता विनय कुमार के समक्ष राजस्थान के नहरी तंत्र की गंभीर स्थिति को रखा।
उन्होंने बताया कि  फरवरी माह में औसत तापमान सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। गर्मी समय से पहले बढ़ने के कारण फसलों की 'जल मांग' में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसलिए फिरोजपुर फीडर का कार्य शीघ्रता से संपूर्ण कर पानी छोड़ा जाए।
  लाखों हेक्टेयर में खड़ी गेहूं, जौ और चने की फसलें इस वक्त पकाव मोड़ पर हैं; यदि तुरंत पानी नहीं मिला तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
...प्रमुख मांगें: गंग कैनाल को 3000 क्यूसेक पानी की दरकार........
सांसद ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि इस समय बांधों में पानी की स्थिति संतोषजनक है, इसलिए किसानों के हक का पानी रोकने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि 
  गंग कैनाल में तत्काल 3000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाए ताकि सभी नहरों के किसानों की कम से कम एक 'बारी' (सिंचाई ) पूरी हो सके।
  भाखड़ा और आईजीएनपी  क्षेत्रों में भी फसलों को बचाने के लिए अतिरिक्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
 वर्तमान में गेहूं की फसल पकने की स्थिति में है, जिसे बचाने के लिए सिंचाई अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि
किसानों की मेहनत को गर्मी और पानी की कमी की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। बांधों में पर्याप्त जलस्तर है, ऐसे में प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत सिंचाई पानी रिलीज करना चाहिए

बैठक में मौजूद बीबीएमबी के अधिकारियों ने सांसद को राजस्थान की तीनों परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया। सांसद ने जोर देकर कहा कि कागजी कार्रवाई के बजाय धरातल पर पानी पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।

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