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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों को लागू करने की घोषणा

श्रीखुशाल दास विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों को लागू करने की घोषणा।* 

 _शारीरिकशिक्षा और खेलकूद विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक आयोजित ।

सत्र 2023-24 से सेमेस्टर प्रणाली एवं चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम होगा लागू।_ 


दिनांक 28/05/2023, हनुमानगढ़।

श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय, जिसे शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है, ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आज श्री खुशाल दासविश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा और खेलकूद विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक राज्यसरकार के दिशानिर्देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों को केंद्र मेंरखते हुए आयोजित हुई। इस बैठक में विश्वविद्यालयमें सेमेस्टर प्रणाली और चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) को लागू करने के विश्वविद्यालयप्रशासन के निर्णय के बारे में अवगतकरवाया गया। यह नया अद्यतन शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से प्रारंभ होगा।

श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन श्री दिनेश जूनेजा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधान छात्रों के लिए नए और उन्नत अवसरों के द्वार है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवीनतम शिक्षा मानकों के अनुरूप  शिक्षा प्रदान करने के लक्ष्य को समर्पित है। 

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. श्यामवीर सिंह ने जानकारी देते हुए  बताया की श्री  खुशाल दास विश्वविद्यालय द्वारा लिए गए यह नए अद्यतन छात्रों को एक नवीनतम और सुगम शैक्षणिक अनुभव प्रदान करेगा। इसके साथ ही, चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) एंव सेमेस्टर प्रणाली का लागू होना छात्रों को विभिन्न विषयों में चयन करने और अपने हिताधिकार को अच्छी तरह से समझने का अवसर देगा। सेमेस्टर प्रणाली के तहत, शिक्षा सत्र को छः मासिक प्रवेशिका के रूप में विभाजित किया जाएगा। प्रत्येक सेमेस्टर के दौरान, छात्रों को निर्दिष्ट पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा और उन्हें परीक्षाओं के माध्यम से मूल्यांकन होगा। छात्रों को प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में परिणामों के आधार पर क्रेडिट प्राप्त किए जाएंगे, जो उनकी प्रगति और स्नातक/स्नातकोत्तर कोर्स के पूरा होने की गुणवत्ता को मापने में मदद करेगा। CBCS बारे में जानकारी देते हुए डॉ. सिंह ने बताया की CBCS के माध्यम से, प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए विभिन्न क्रेडिट यूनिट्स होते हैं और छात्रों को प्रत्येक क्रेडिट यूनिट के प्राप्ति के लिए संबंधित परीक्षाओं और मूल्यांकन का आयोजन करना होता है। छात्रों को क्रेडिट यूनिट्स पूरा करके अगले सेमेस्टर में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। यह सिस्टम छात्रों के अध्ययन को प्रगति के मानकों के अनुरूप आयोजित करता है और उन्हें अपने विषय में गहराई से ज्ञान प्राप्त करने का मौका देता है।

इस बैठक में B.O.S. एक्सटर्नल के रूप में शामिल रहे  गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कपिल मिश्रा ने बताया की NEP 2020 को केंद्र में रखकर श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक क्षेत्र में नए और आधुनिक परिवर्तनों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास किया है। इस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से, विश्वविद्यालय छात्रों के लिए बेहतर और सुविधाजनक शिक्षा मानकों का समर्थन कर रहा है और उन्हें एक व्यापक, प्रायोगिक और संघटित शैक्षणिक अनुभव प्रदान कर रहा है। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता, सामरिकता और अभियांत्रिकी द्वारा विकसित की जा रही है। इस प्रक्रिया से छात्रों को सशक्त बनाने का एक बड़ा कदम उठाया गया है। 

गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बाबूलाल जुनेजा ने कहा, 'श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास को महत्वपूर्ण मानता है। हम इस प्रयास में भाग लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम छात्रों को एक विकसित और आधुनिक शिक्षा परिवेश प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं, जो उनकी नवीनतम ज्ञान, व्यापक सोच और नवाचारी मानसिकता को संवर्धित करेगा। शिक्षा में नए अद्यतनों को अपनाकर, हम अपने छात्रों को ग्लोबल मानकों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता के लिए तैयार करने का एक दृढ़ संकल्प रखते हैं।'"

यह नवीनतम अद्यतन छात्रों के शैक्षणिक अनुभव में व्यापक परिवर्तन लाएगा और उन्हें आधुनिक शिक्षा पद्धतियों के साथ तैयार करेगा। इस निर्णय के माध्यम से, छात्रों को उच्चतर स्तर की गुणवत्ता और शिक्षा मानकों के साथ ग्लोबल मान्यता प्राप्त करने का मौका मिलेगा। यह क्रांतिकारी पहल नवीनतम शिक्षा युग के द्वार खोलेगा और छात्रों को समृद्ध भविष्य की ओर प्रगति करने में सहायता करेगा।"

विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स विभागाध्यक्ष डॉ. रविंद्र सिंह सुमल, स्पोर्ट्स कोच रमनदीप कौर, डॉ. अखिलेश कुमार, जितेन्द्र कुमार, शारीरिक शिक्षा और खेलकूद विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में उपस्थित रहे।

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